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फैज़ाने फ़ारुके आज़म र०अ०

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 जब उमर फ़ारूक़ رضی اللہ تعالیٰ عنہ  मुसलमान हुए नमाज़ का वक़्त हुआ तो हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया:                  "सहाबा तैयारी करो नमाज़ की-" उमर फारूक़ رضی اللہ تعالیٰ عنہ ने कहा:                  "हुज़ूर नमाज़ कहां पढ़ेंगे ?" आक़ा करीम ﷺ ने फ़रमाया:                  "किसी कोने में छुप के पढ़ते हैं-" उमर फारूक़ ने कहा:                  "हुज़ूर आपके क़दमों पे मेरे मां बाप क़ुर्बान अगर अब भी छुप कर नमाज़ पढ़ें तो उमर के मुसलमान होने का क्या फायदा ?" उमर फारूक़ رضی اللہ تعالیٰ عنہ ने कहा:                  "हुज़ूर आज नमाज़ काबातुल्लाह में पढ़ेंगे-" हुज़ूर ने फ़रमाया:                  "उमर कुफ्फार का बड़ा गलबा है-" वाह मेरे खुदा उमर फारूक़ घोड़े पे सवार हुए मक्के के चौकों पे जाकर गलिय...

फैज़ाने फ़ारुके आज़म

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फैज़ाने फ़ारुके आज़म``(पोस्ट-04) - #फारुके_आज़म_के_मुबारक_अंदाज़ #01 ☆फारुके आज़म के चलने का मुबारक अंदाज़... `` ✿हज़रते सीमाक बिन हर्बرضي الله تعالي عنه से रिवायत है : अमीरुल मुअमिनिन फारुके आज़मرضي الله تعالي عنه कुशादा क़दमो के साथ चला करते थे और चलते हुवे ऐसा लगता गोया आप किसी सुवारी पर सुवार है और दीगर लोग पैदल चल रहे है। `` ☆आप के खाने का अंदाज़... `` ✿आपرضي الله تعالي عنه निहायत ही मुत्तक़ी और परहेज़गार थे, क़तई जन्नती होने के बा वुजूद हमेशा फ़िक्रे आख़िरत दामन गिर रहती थी और ये फ़िक्र आप को भूका रहने पर उकसाती रहती थी। आपرضي الله تعالي عنه की खोराक निहायत ही कलिल थी, कभी जव की रोटी के साथ ज़ैतून, कभी दूध, कभी सिरका, कभी सुखाय हुवा गोश्त तनावुल फरमाते, ताज़ा गोश्त बहुत ही कम इस्तिमाल करते थे, कभी दो खाने इकठ्ठे नही खाए। मनसबे खिलाफत पर मुतमक्कीन होने के बाद तो आपرضي الله تعالي عنه ऐसी खुश्क रोटी खाया करते थे की आम लोग उसे खाने से आजिज़ आ जाए। निज खाना कहते हुवे रोटी के किनारो को अलाहिदा करके खाना आप को सख्त ना पसंद था। ------------- ☆आप के गुफ्तगू करने का मुबारक अं...

फैज़ाने फ़ारुके आज़म``(पोस्ट-03)

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``फैज़ाने फ़ारुके आज़म``(पोस्ट-03) --- ☆फ़ारुके आज़म  हुस्ने ज़ाहिरी.... -- ❀फ़ारुके आज़म की मुबारक रंगत❀ -- ♥हज़रते इब्ने कुतैबा रहमतुल्लाह अलैह फरमाते है की "कूफा के लोगो ने अमीरुल मुअमिनिन हज़रते उमर फ़ारुके आज़मرضي الله تعالي عنه का जो हुल्या बयान किया है उस के मुताबिक़ आप का रंग गहरा गन्दुमी था। जब की अहले हिजाज़ ने जो आप का हुल्या बयान किया है उसके मुताबिक़ आप की रंगत बहुत सफेद थी बल्कि ऐसी सफेद थी जेसे चुना होता है और लगता था की आप के जिसमे मुबारक में खून ही नही है। •अल्लामा वाकिदि अलैरहमा फरमाते है  की जिन्होंने आपرضي الله تعالي عنه के गन्दुमी रंग होने का क़ौल किया है उन की बात दुरुस्त नही की उन्हों ने आप को "आमुर्रमादा" यानी कहत साली वाले साल देखा था। आप ने उस साल दूध और चर्बी वगैरा खाना छोड़ दिया था सिर्फ ज़ैतून का तेल इस्तिमाल फरमाते जिस के सबब आप की रंगत गन्दुमी हो गई थी। अल्लामा इब्ने हजर असक्लानि अलैरहमा ने भी बाज़ फारुकी हज़रात से यही क़ौल नक़ल किया है। ☆फ़ारुके आज़म का क़दे मुबारक ✦हज़रते ज़र बिन हुबैश और अक्सर लोगो ने यही बयान किया है की अमीरुल मुअमिनिन...

फैज़ाने फ़ारुके आज़म``(पोस्ट-02)

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`फैज़ाने फ़ारुके आज़म``(पोस्ट-02) ` ☆फ़ारुके आज़म की पैदाइश और जाए परवरिश... ` ✦फ़ारुके आज़म की पैदाइश✦ ` ♥आपرضي الله تعالي عنه आमूल फिल के 13 साल बाद पैदा हुवे, यु आप की तारीखे विलादत 583 ईस्वी तक़रीबन 41 साल क़ब्ले हिजरत है। हज़रते सिद्दीके अकबरرضي الله تعالي عنه आमूल फिल के ढाई साल बाद पैदा हुवे यु आप सिद्दीके अकबरرضي الله تعالي عنه से उम्र में तक़रीबन साढ़े दस साल छोटे है और सरकारे मदीनाﷺ चुकी आमूल फिल के साल दुन्या में तशरीफ़ लाए यु आपرضي الله تعالي عنه हुज़ूरﷺ से उम्र में तक़रीबन 13 साल छोटे है। `` ••फ़ारुके आज़म की जाए परवरिश•• ` ♥आपرضي الله تعالي عنه मक्का में ही पैदा हुवे और मक्का ही आप की जाए परवरिश है, बचपन से ले कर जवानी तक, नीज़ मदीना हिजरत से क़ब्ल तक आप ने मक्का में ही ज़िन्दगी गुज़ारी। ☆दौरे जाहिलिय्यत में फ़ारुके आज़म का घर... ``  ♥हज़रते अबू अब्दुल्लाह मुहम्मद बिन साद ने उमुरे मक्का के आलिम हज़रते अबू बक्र बिन मुहम्मद मक्कीرضي الله تعالي عنه से पूछा : ज़मानए जाहिलिय्यत में आप का घर कहा था ? फ़रमाया : फ़ारुके आज़मرضي الله تعالي عنه की रिहाइश गाह उस पहाड़ पर थ...

फैज़ाने फ़ारुके आज़म र०अ०

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``फैज़ाने फ़ारुके आज़म``(पोस्ट-01) ` ☆फ़ारुके आज़म का नामें नामी इसमें गिरामी.. ` ♥दौरे जाहिलिय्यत के दौरे इस्लाम में आपرضي الله تعالي عنه का नाम "उमर" ही रहा। उमर के माना है "आबाद रखने वाला" या "आबाद करने वाला"। हज़रते उमरرضي الله تعالي عنه के सबब चुकी इस्लाम आबाद होना था इस लिये अल्लाह ने पहले ही आप को "उमर" नाम अता फरमा दिया और इस्लाम आप के सबब आबाद हुआ लिहाज़ा आप इसमें बा मुसम्मा है। ` •इंसानी ज़िन्दगी की मुद्दत को भी उम्र कहते है यानी जिस्म की आबादी का ज़माना। फ़ारुके आज़मرضي الله تعالي عنه का अहदे खिलाफत चुकी इस्लाम की आबादी का ज़माना है इस ऐतिबार से भी आपرضي الله تعالي عنه इसमें बा मुसम्मा हुवे। ✦आसमानों, इंजील, तौरेत और जन्नत में आप का नाम.... मरवी है की अमीरुल मोमिनीन हज़रते उमर फ़ारुके आज़मرضي الله تعالي عنه का नाम आसमानों में "फारूक़" इंजील में "काफी" तौरात में "मन्तकुल हक़" और जन्नत में "सिराज" है। ☆बारगाहे रिसालत से अताकर्दा नाम...!! `  ♥हज़रते आइशा सिद्दीक़ाرضي الله تعالي عنها स...